Dhamaka Film Review: भ्रष्ट तंत्र से पीड़ित जनता और TV Media चैनलों की असली सच्चाई को दिखाती ये फ़िल्म

By: RJ Abhinandan
Dhamaka Review : कार्तिक आर्यन, बतौर अभिनेता ये उनकी 10वी फ़िल्म है। मज़े की बात ये है कि अब तक के फिल्मी सफर में कार्तिक आर्यन ने ज्यादातर कॉमेडी फिल्मी ही कि है, लेकिन बात अगर हाल ही रिलीज हुई फ़िल्म “धमाका” की करे तो ये उन सब से अलग है। कहानी की शुरुआत एक Unknown Call से होती है जो कि अर्जुन पाठक ( कार्तिक आर्यन ) को एक Radio Show Host करने के दौरान आता है।

फ़ोन करने वाला व्यक्ति ऐसा बोलता है कि वो मुम्बई का Sea Link (bridge) को बम से उड़ा देगा। वो आदमी कौन है ? (क्या वो एक terrorist है ? ), कहाँ से उसने कॉल किया है ? उसकी बम धमाके के पीछे मंशा क्या है ? वो ये धमाका क्यों करना चाहता है ? आखिर उसने अर्जुन पाठक ( कार्तिक आर्यन ) को ही क्यों कॉल किया ? इन सब का जवाब फ़िल्म के खत्म होते होते आपको मिल जाती है।


Best Dialogue:- लेकिन ये सच नही है, हा ये News है। News Anchor क्या होता है, एक Actor, एक Actor को क्या चाहिए, Audience, एक Audience को क्या चाहिए, Drama. ऐसे ही कुछ Media के राज़ खोलते Dialogue आपको फ़िल्म में मिल जाएंगे।
Media चैनल Show के TRP के लिए कैसे NEWS को जनता के सामने रखते है, इसका भी एक मजबूत उदाहरण फ़िल्म देखते आपको पता चलेगा।
नए युग के पत्रकारिता और चाटुकारिता को ये फ़िल्म बातों बातों में बता देती है। और इन सब के बीच एक आम इंसान की मजबूरी, दर्द, बदहाली जैसे चीजो को भी फ़िल्म बहुत अच्छे से दर्शकों के बीच रखती है।


फ़िल्म की शुरूआती दृश्य में एक Radio Station के काम काज को भी दिखाया गया है। कैसे एक RJ (Radio Jockey) ON AIR आकर शो के माध्यम से अपने स्रोताओं से जुड़ता है और अपनी बातें रखता है, ये देखना दर्शकों के लिए दिलचस्प होगा।
मौजूदा वक्त में जब जनता किसी Media चैनल और उसमें बैठे Anchor पर विश्वास कर अपनी बातों को रखना चाहती है, और फिर चैनल उन चीज को कैसे अपने फायदे के हिसाब से TV पर प्रदर्षित करती है… ये सारी बातें आपको फ़िल्म में देखने मिलेगा।


Director राम माधवानी की बात करे यो इसके पहले उनकी पिछली फिल्म “नीरजा” को लोगो ने काफी पसंद किया था। कुछ ऐसी ही अपेक्षा “माधवन” को इस फ़िल्म से भी रहेगी। फ़िल्म में बाकी कलाकारों ने भी अच्छा काम किया है, “मृणाल ठाकुर” ने अपना किरदार अच्छा निभाया है, हालांकि उनका किरदार छोटा है, लेकिन एक रिपोर्टर की भूमिका में वो अच्छी लगती है।

“अमृता सुभाष” ने Show Producer के किरदार में अपना काम बखूबी किया है। इंस्पेक्टर के रोल में “विकास कुमार” भी अच्छे लगे है। फ़िल्म के Duration की बात करे तो पूरी फिल्म 103min में निपटा दी गई है। कहानी को काफी क्रिस्प रखा गया है। फ़िल्म में आपको एक भी गाना नही मिलेगा।

ड्रामा फिल्मों के शौक़ीन है, तो ये फ़िल्म आपके लिए है।

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