GAYATRI PARIWAR द्वारा गर्भ ज्ञान विज्ञान पर निःशुल्क 9 दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन

अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा “आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी” के अंतर्गत गर्भ ज्ञान विज्ञान का अद्भुत 9 दिवसीय राष्ट्रीय ऑनलाइन वेबिनार 2 से 10 अगस्त तक होने जा रहा है। यह वेबिनार पूर्णतः निःशुल्क है। इस वेबिनार का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की महामहिम राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के द्वारा किया जाएगा। छत्तीसगढ़ गायत्री परिवार के जोन समन्वयक दिलीप पाणिग्रही ने बताया कि शांतिकुंज हरिद्वार गायत्री तीर्थ से संगठन प्रभारी डॉक्टर ओ.पी. शर्मा, छत्तीसगढ़ के समन्वयक सुखदेव निर्मलकर के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ गायत्री परिवार द्वारा आयोजित इस सेमिनार में पूरे देश से लोग जुड़ने जा रहे है।

WhatsApp Image 2021 08 01 at 4.53.22 PM 1
GAYATRI PARIWAR, SHANTIKUNJ, HARIDWAR

कार्यक्रम का संचालन आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी के राष्ट्रीय प्रभारी डॉ गायत्री शर्मा जी के द्वारा किया जाएगा। कहते है कि माता बच्चे की जन्मदात्री ही नही निर्मात्री भी होती है, वो गर्भ से ही बच्चे का निर्माण , उसके संस्कार और व्यक्तित्व का निर्माण करके मनचाहे गुणों से युक्त संतान को जन्म देने की क्षमता रखती है। गर्भ से ही बच्चे का 80 प्रतिशत मस्तिष्क का विकास हो जाता है , शिशु का न केवल शारीरिक बल्कि उनका मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक, आध्यात्मिक स्वास्थ भी गर्भ से ही तैयार किया जा सकता है,लेकिन कैसे ? कैसे माँ बच्चे में ये सारे स्वास्थ्य की नींव मजबूत कर सकती है , कैसे सारे संस्कार यहाँ तक कि बच्चे की दिनचर्या भी गर्भ से कैसे सेट कर सकती है , ये सारा ज्ञान विज्ञान हमारे ऋषियो के द्वारा हजारो वर्ष पूर्व दे दिया गया था इसलिए पहले की माताएं महामानवों को जन्म देती थी और भरत्व को महामानवों की खदान कहा जाता था, पुनः उसी ज्ञान को वैज्ञानिक आधार पर सिद्ध करके पुनर्जीवित किया है, गायत्री परिवर के संस्थापक वेदमूर्ति तपोनिष्ठ पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी ने।


छत्तीसगढ़ गायत्री परिवर की आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी की प्रान्त संयोजीका रुपाली गाँधी और सरला कोसरिया ने जानकारी दी कि 9 दिवसीय इस सेमिनार में गर्भ के उसी ज्ञान को वैज्ञानिक आधार पर पीपीटी और वीडियो के द्वारा बहुत ही सरल और रोचक ढंग से हमारे विषय विशेषज्ञों और चिकित्सको द्वरा समझाया जाएगा , जिसके विषय होंगे गर्भ का ज्ञान विज्ञान, गर्भवती की आदर्श दिनचर्या, आहार, गर्भवस्था के योग , ध्यान, प्राणायाम, गर्भ संवाद, गर्भावस्था के तनाव से मुक्ति, मन्त्र और सूक्ष्म यज्ञ का बच्चे पर प्रभाव, स्तनपान और पोषक आहार शिशु का आदि और अंतिम दिन ऑनलाइन गर्भ संस्कार भी कराया जाएगा।


2 अगस्त से प्रतिदिन दोपहर 3 से 4 बजे तक क्लास होगी और 4 से 4.30 तक प्रश्नोत्तरी होगी जिसमें आपकी समस्या का समाधान दिया जाएगा। इसमे गर्भवती बहने, नए शादी शुदा जोड़े, बहने और जो भी इस अद्भुत ज्ञान और जानकारी को समझना चाहते है जुड़ सकते है। ये कार्यक्रम निःशुल्क होगा लेकिन पंजीयन करना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम ऑनलाइन ज़ूम एप पर संचालित होगा। कार्यक्रम के लिए पंजीयन लिंक और ज़ूम लिंक आप मोबाइल नंबर 8839290438, 7772800009, 7049015393 पर सम्पर्क करके प्राप्त कर सकते है।

- Advertisement -

Hot Topics

Related Articles