HC के जस्टिस को 6 महीने की और 7 जजों को पांच साल की सजा !

Seven Supreme Court Judges To 5 Years In Jail
Seven Supreme Court Judges To 5 Years In Jail

सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस सीएस. कर्णन को 6 महीने की सजा सुनाई। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन द्वारा जारी किए किसी भी आदेश को प्रकाशित और प्रसारित करने पर भी रोक लगा दी है।

इन जजों को हुई सजा-

उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश की पालत तत्काल प्रभाव से करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि आदेश का फौरन पालन किया जाए। इंडियन ज्यूडिशियरी सिस्टम के पहले जज होंगे, जिन्हें पद पर रहते हुए सजा सुनाई गई है। इससे पहले सोमवार की शाम को कर्णन ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस जेएस. खेहर और सुप्रीम कोर्ट के ही 7 जजों को सोमवार को पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस जेएस. खेहर, जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस जे. चेल्मेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन. बी. लोकुर, जस्टिस पिनाकी चंद्रा घोष और जस्टिस कुरियन जोसेफ। इनके अलावा जस्टिस आर. भानुमती को अलग से सजा सुनाई गई है। कर्णन ने ऑर्डर में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आठ जजों ने जाति के आधार पर भेदभाव किया। इसलिए इन्हें एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषी मानकर सजा सुनाई जाती है। सभी जजों को सजा के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना देने के भी ऑर्डर दिए गए हैं। जुर्माना एक हफ्ते में नेशनल कमीशन ऑफ एससी-एसटी को देने का ऑर्डर दिया गया है।

ये है मामला-

जस्टिस कर्णन ने 23 जनवरी को पीएम को लेटर लिखकर 20 जजों पर करप्शन का आरोप लगाया था। इनमें सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज और मद्रास हाईकोर्ट के मौजूदा जज शामिल हैं। जस्टिस कर्णन ने इस मामले की जांच कराने की मांग की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 8 फरवरी को जस्टिस कर्णन को नोटिस जारी पूछा था कि क्यों न इसे कोर्ट की अवमानना माना जाए। कोर्ट ने उन्हें मामले की सुनवाई होने तक सभी ज्यूडिशियल और एडमिनिस्ट्रिेटिव फाइलें कलकत्ता हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को लौटाने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन को 13 फरवरी को कोर्ट में पेश हाेने को कहा था, लेकिन वो हाजिर नहीं हुए। बता दें कि यह पहला केस था जब सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के मौजूदा जज को अवमानना का नोटिस भेजा था।

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