आसाराम दोषी करार, हो सकती है ये सजा !

Asaram Verdict In Special Court
Asaram Verdict In Special Court

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आसाराम समेत तीन आरोपियों को स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया है। दो को बरी कर दिया गया है। जोधपुर केंद्रीय कारागार परिसर में जज मधुसूदन शर्मा ने आसाराम को दोषी करार दिया। आसाराम के समर्थक दंगा न फैलाएं, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए हैं।

जोधपुर में 2100 जवान तैनात हैं, जज को विशेष सुरक्षा दी जाएगी। कारों और बसों में लोगों की तलाशी ली जा रही है और उनके परिचय पत्र चेक किये जा रहे हैं। ट्रेन यात्रियों पर भी RPF कड़ी नजर रख रही है। साढ़े चार साल से जोधपुर जेल में बंद अासाराम के खिलाफ अपनी ही शिष्या से दुष्कर्म करने का अारोप था। ​पॉक्सो एक्ट के तहत ये पहला बड़ा फैसला है। केस के फैक्ट से लगता है कि आसाराम को कम से कम 10 साल की सजा हो सकती है, प्रावधान उम्रकैद तक का है।

आसाराम केस में गवाह महेंद्र चावला ने कहा कि मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है, आसाराम को सजा जरूर मिलेगी। ऐसे लोगों को फांसी पर लटका देना चाहिए। गवाह ने कहा कि उसकी जान को खतरा है, इसलिए उसे अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत है। बतादें कि, अासाराम के अलावा शरतचंद्र, शिल्पी को दोषी करार दिया गया है। वहीं शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया गया है। इन सभी ने लड़की को आसाराम तक पहुंचाने में मदद की थी। वे गिरोह बना कर दुष्कर्म करने की धारा 376डी के तहत आरोपी थे। इनमें से प्रकाश ने तो जमानत ली ही नहीं और वह आसाराम की सेवा जेल में कर रहा है। बाकी तीनों जमानत पर थे।

फैसले को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राजस्थान, गुजरात और हरियाणा को हिदायत दी है कि किसी भी सूरत में हिंसा नहीं होनी चाहिए। इन राज्यों में आसाराम के अनुयायी काफी संख्या में हैं। पुलिस ने आसाराम के जोधपुर के मणई स्थित आश्रम एवं आस-पास के दूसरे आश्रमों में देखरेख करने वालों के अलावा किसी अन्य प्रवेश पर रोक लगा दी है। आश्रम के आस-पास भी पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए हैं।

पीड़ित लड़की के पिता ने इस फैसले पर कहा कि आसाराम दोषी पाये गए, हमें न्याय मिल गया। मैं सभी लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जिन्होंने इस लड़ाई में हमारी मदद की। अब मुझे आशा है कि आसाराम को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि जो गवाह मार दिये गए और जिनका अपहरण किया गया, उन्हें भी न्याय मिला। गिरफ्तारी के वक्त आसाराम ने कहा था कि जेल तो वैकुंठ है, कृष्ण भी वहीं जन्मे थे। फैसला सुनाने वाले जज मधुसूदन शर्मा भी कृष्ण भक्त हैं। रोज गंगश्यामजी मंदिर जाते हैं।

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