15 साल बाद Germany से लौटे और बन बैठे अपने जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष

राजनीति का चस्का भी बड़ा गजब का चस्का है। इसका चस्का जिसको लगता है वह या तो बर्बाद हो जाता है या फिर से पूरी जिंदगी के लिये आबाद। ऐसे ही कहानी निकल करके आयी है UP के Meerut से जहाँ एक युवा को राजनीति का रंग चढ़ा तो जिस विदेश में उन्होंने अपना कॅरियर बनाया था उसे अपनी मिट्टी की सेवा करने के खातिर छोड़ दिया।

आपको बता दें कि कुशेड़ी गाँव निवासी गौरव चौधरी का परिवार क्षेत्र में काफी हाई प्रोफाइल परिवारों में गिना जाता है। उनके चाचा भी जिला पंचायत के सदस्य रह चुके है। वहीं गौरव अपनी शिक्षा पूरी करने के उपरांत Germany चले गये और उन्होंने वहीं Import-Export का बिजनेस जमाया।

वहीं बिजनेस के साथ साथ गौरव चौधरी ने कई साल पहले अपने दादा के नाम पर चौधरी भीम सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के नाम से एक संस्था का गठन किया। साथ ही इस संस्था द्वारा लोंगो की सेवा करनी शुरू कर दी। इस दौरान वह Germany में रहते जरूर थे लेकिन हर साल दो बार गाँव का चक्कर जरूर लगाते थे। वहीं उनके अंदर सेवा करने का जुनून था जिसके चलते उन्होंने इस बार जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा और जीते।

वहीं मेरठ में उनके मुकाबले में कोई प्रत्याशी नहीं था। वहीं स्थानीय नेताओं ने उनका विरोध भी व्यापक किया था लेकिन वह विरोध उनका कुछ नहीं कर सका। वहीं सत्तारूढ़ BJP जॉइन करके ही उन्होंने टिकट की दावेदारी ठोंकी थी जिस कारण BJP ने उन्हें मेरठ जनपद का जिला पंचायत अध्यक्ष भी घोषित कर दिया। वहीं गौरव चौधरी निर्विरोध जिला पंचायत अध्यक्ष चुने गये उन्होंने अब गाँव में रहकर ही देश की सेवा करने का फैसला किया है।

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