पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में लाने पर उखड़े राज्य, रद्द हो सकता है फैसला

UP की राजधानी लखनऊ में आज GST (गुड्स और सर्विसेज टैक्स) की आज 45 वीं बैठक आयोजित की गयी है, इसकी अध्यक्षता वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण कर रहीं हैं। जानकारी के अनुसार इस बैठक में जैसे ही पेट्रोल-डीजल को GST के दायरे में रखने का प्रस्ताव लाया गया है, वैसे ही कई राज्यों ने इसका कड़ा विरोध किया है।

वहीं विरोध करने वाले राज्यों में UP, महाराष्ट्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, केरल आदि राज्य शामिल हैं, उन्होंने पेट्रोल डीजल को GST के दायरे से बाहर रखने की बात की है। बता दें कि अगर पेट्रोल और डीजल को GST के दायरे में लाया जाता है तो पेट्रोल में 28 रुपये की कमी और डीजल में 25 रुपये की कमी आ जायेगी। वहीं इस फैसले से राज्यों के राजस्व को तगड़ा नुकसान पहुँचेगा, जिसके कारण कई राज्य इसके विरोध में खड़े हुये हैं। वहीं वित्तमंत्री सीतारमण से मिलने UP के मुख्यमंत्री CM योगी आदित्यनाथ भी पहुँच चुके हैं, जोकि इसके बाबत वित्तमंत्री से बात करेंगे।

बता दें कि आज आयोजित बैठक में 48 से अधिक वस्तुओं के कर की समीक्षा की जा रही है, वहीं Covid की दवाओं पर कर की छूट और आगे बढ़ाई जा सकती है। वहीं इस बैठक में कई राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री शामिल हुये हैं, जिनमें से बिहार के उपमुख्यमंत्री राज किशोर प्रसाद, हरियाणा के दुष्यन्त चौटाला, दिल्ली से मनीष सिसोदिया व अन्य राज्यों के वित्तमंत्री और नामित मंत्री शामिल हुये हैं।

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