Tuesday, January 25, 2022
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आज का पंचांग TODAY PANCHANG

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सौजन्य: सचिन अग्रवाल (मेरठ)
🇮🇳⛳ सुप्रभात🌞 वन्देमातरम्⛳🇮🇳
🌿🍁🔔🐚🔆 🐚🔔🍁🌿
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः


शनिवार, ⓵⓸ अगस्त ⓶⓪⓶⓵
पूर्णिमांत माह : श्रावण
अमावस्यांत माह : श्रावण
पक्ष : शुक्ल पक्ष
तिथि : षष्ठी (११:५०:२८)
नक्षत्र : चित्रा (०६:५४:५२, स्वाति)
योग : शुभ
विक्रम सम्वत : २०७८ आनन्द
शक सम्वत : १९४३ प्लव
युगाब्द : ५१२३
आयन : दक्षिणायन
ऋतु : वर्षा
सूर्योदय : ०५:४७
सूर्यास्त : १९:००
अभिजीत मुहूर्त : ११:५७ से १२:५०
राहुकाल : ०९:०५ से १०:४५

🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩

प्रभात दर्शन-
संगठित समाज, जागरूक युवा-शक्ति और सक्षम नेतृत्व के बल पर एक दिन अवश्य अखण्ड होगा भारत, ऐसा विश्वास है... आज सहस ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की कविता याद आ जाती है जिसमें एक व्यथा और संकल्प एक साथ हैं... 
पन्द्रह अगस्त का दिन कहता-आजादी अभी अधूरी है।
सपने सच होने बाकी हैं, रावी की शपथ न पूरी है।।
जिनकी लाशों पर पग धर कर आजादी भारत में आई।
वे अब तक हैं खानाबदोश गम की काली बदली छाई।।
कलकत्ते के फुटपाथों पर जो आंधी-पानी सहते हैं।
उनसे पूछो, पन्द्रह अगस्त के बारे में क्या कहते हैं।।
हिन्दू के नाते उनका दु:ख सुनते यदि तुम्हें लाज आती।
तो सीमा के उस पार चलो सभ्यता जहां कुचली जाती।।
इन्सान जहां बेचा जाता, ईमान खरीदा जाता है।
इस्लाम सिसकियां भरता है, डालर मन में मुस्काता है।।
भूखों को गोली, नंगों को हथियार पिन्हाये जाते हैं।
सूखे कण्ठों से जेहादी नारे लगवाए जाते हैं।।
लाहौर, कराची, ढाका पर मातम की है काली छाया।
पख्तूनों पर, गिलगित पर है गमगीन गुलामी का साया।।
बस इसीलिए तो कहता हूं आजादी अभी अधूरी है।
कैसे उल्लास मनाऊं मैं? थोड़े दिन की मजबूरी है।।
दिन दूर नहीं खण्डित भारत को पुन: अखण्ड बनाएंगे।
गिलगित से गारो पर्वत तक आजादी पर्व मनाएंगे।।
उस स्वर्ण दिवस के लिए आज से कमर कसें, बलिदान करें।
जो पाया उसमें खो न जाएं, जो खोया उसका ध्यान करें।।
वन्दे मातरम्।।

🍁🦚 आपका दिन मंगलमय हो 🦚🙏
~~
अखण्ड भारत 🇮🇳 संकल्प दिवस

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