आज का पंचांग TODAY PANCHANG

🇮🇳⛳ सुप्रभात🌞 वन्देमातरम्⛳🇮🇳
🌿🍁🔔🐚🔆 🐚🔔🍁🌿
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः


सोमवार, ❷❻ जुलाई ❷⓿❷❶
पूर्णिमांत माह : श्रावण
अमावस्यांत माह : आषाढ़
पक्ष : कृष्ण पक्ष
तिथि : तृतीया (२६:५३:५३+)
नक्षत्र : धनिष्ठा (१०:२५:१४)
योग : सौभाग्य
विक्रम सम्वत : २०७८ आनन्द
शक सम्वत : १९४३ प्लव
युगाब्द : ५१२३
आयन : दक्षिणायन
ऋतु : वर्षा
सूर्योदय : ०५:३७
सूर्यास्त : १९:१५
अभिजीत मुहूर्त : ११:५८ से १२:५३
राहुकाल : ०७:१९ से ०९:०१

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प्रभात दर्शन-
।।अथ शिवप्रातःस्मरणस्तोत्रम्।। 
प्रातः स्मरामि भवभीतिहरं सुरेशं 
गङ्गाधरं वृषभवाहनमम्बिकेशम् । खट्वाङ्गशूलवरदाभयहस्तमीशं 
संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥ १॥ 
जो सांसारिक भय को हरने वाले और देवताओं के स्वामी हैं, जो गंगा जी को धारण करते हैं, जिनका वृषभ वाहन है, जो अम्बिका के ईश हैं तथा जिनके हाथ में खट्वांग त्रिशूल है, जो वरद तथा अभय मुद्रा युक्त हैं, उन संसार रोग को हरने के निमित्त अद्वितीय औषधि रूप ‘ईश’ महादेव जी का मैं प्रातः स्मरण करता हूँ।
प्रातर्नमामि गिरिशं गिरिजार्धदेहं सर्गस्थितिप्रलयकारणमादिदेवम् । 
विश्वेश्वरं विजितविश्वमनोऽभिरामं
संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥ २॥ 
भगवती पार्वती जिनका आधा अंग है, जो संसार की सृष्टि, स्थिति और प्रलय के कारण हैं, आदिदेव हैं, विश्वनाथ हैं, विश्व-विजयी और मनोहर हैं, सांसारिक रोगों को नष्ट करने के लिए अद्वितीय औषधरूप उन गिरीश (शिव) को मैं प्रातःकाल नमस्कार करता हूं |
प्रातर्भजामि शिवमेकमनन्तमाद्यं
वेदान्तवेद्यमनघं पुरुषं महान्तम् । 
नामादिभेदरहितं षडभावशून्यं संसाररोगहरमौषधमद्वितीयम् ॥ ३॥ 
जो अन्त से रहित आदिदेव हैं, वेदान्त से जानने योग्य, पापरहित एवं महानपुरुष हैं, तथा जो नाम आदि भेदों से रहित, छ: अभावों से शून्य, संसार रोग को हरने के निमित्त अद्वितीय औषध हैं, उन एक शिव जी को मैं प्रात:काल भजता हूं।
फलश्रुति 
प्रातः समुत्थाय शिवं विचिन्त्य श्लोकांस्त्रयं येऽनुदिनं पठन्ति । 
ते दुःखजातं बहुजन्मसञ्चितं हित्वा पदं यान्ति तदेव शम्भोः ॥ ४॥
जो मनुष्य प्रातःकाल  उठकर शिव का ध्यान कर प्रतिदिन इन तीनो श्लोकों का पाठ करते है, वे लोग अनेक जन्मों के संचित दुःखसमूह से मुक्त होकर शिवजी के उसी कल्याणमय पद को पाते हैं। 

🍁🦚 आपका दिन मंगलमय हो 🦚🙏
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प्रथम श्रावण सोमवार व्रत, करगिल विजय दिवस

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