Tuesday, December 6, 2022

Second Half में कमजोर Story और Screenplay फ़िल्म को ले डूबी : ‘Chup’ Film Review

Review by – Abhinandan kumar (Former RJ at Radio Mayur 90.8 FM)

“ज़िंदा रहने के लिए सिनेमा चाहिए”, “लाइफ में Lion बनना है तो ‘बकरा’ बनने की हिम्मत होनी चाहिये”, “कागज के फूल बनाने वाले को कागज पर कलम चलाने वालों ने चुप करा दिया था”, ऐसे ही कुछ बेहतरीन Dialogue, खूबसूरत Location, बढ़िया Background Score, R Balki के Experimental Direction और Guru Dutt साहब के फिल्मों की यादों को समेटे है फ़िल्म ‘Chup’ : Revenge of the Artist.

फिल्मी भाषा मे बात करें तो Story अच्छी है, Screenplay First Half का बहुत शानदार है, लेकिन Second Half में सब कुछ कमजोर दिखता है, Dialogue कुछ एक जगह बवाल हैं। कुछ ऐसे Dialogue फ़िल्म में ऐसे हैं जिन्हें आप बाद में सोचने पर मजबूर होंगे और शायद वो Dialogue आपकी ज़िंदगी मे उत्साह और जोश भरने का काम करेगा।

Special Mention:-

जगह – जगह पर Guru Dutt साहब के फिल्मों की तरफ इशारा करती ये फ़िल्म आपको किसी और दुनिया मे ले कर जाएगी। Guru Dutt साहब की फ़िल्म “कागज़ के फूल” का महज़ एक ज़िक्र इस फ़िल्म को चार चाँद लगा देती है। आखिर क्यों है इस फ़िल्म में Guru Dutt साहब का ज़िक्र, इसका जवाब आपको Cinema Hall में मिलेगा।

Story :-

एक Serial Killer की कहानी जो Film Review करने वाले Official Critics की बहुत ही बेरहमी से क़त्ल करता है। जिससे देख आपके मन मे कई सारे सवाल खड़े होंगे जिसे आप अपनी बाहरी दुनिए से जोड़ने पर मजबूर होंगे। कभी वो क़त्ल कर के शरीर को क्रिकेट स्टेडियम में फेंक देता है, तो कभी रेलवे ट्रैक पर कत्ल करता है। क़त्ल करने के दौरान वो हर बार चेहरे पर एक Star का निशान छोड़ जाता है, जिसे Film Review की भाषा मे 1star, 2 Star, 3 Star बोलते है। Serial Killer हर उस Critics के द्वारा लिखे गए Review या Video में बोली गयी बातों को ही अपने क़त्ल का तरीका बनाता है और उन्ही में से एक Film Critics की बेरहमी से क़त्ल करता है। क़त्ल करने के पीछे क्या वहज है ? Killer सिर्फ Film Critics को ही अपना निशाना क्यों बना रहा है ? ये सब बातें आपको फ़िल्म देखते पता लग जाएगी।

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Actor Performance :

Serial Killer के किरदार में Dulquer Salmaan ने बहुत ही शानदार काम किया है या यूं कह ले की Dulquer के किरदार को काफी अच्छे से लिखा गया है, जिसे Dulquer ने बहुत ही बखूबी निभाया है। एक Serial Killer के किरदार को निभाते हुए जगह – जगह Dulquer के किरदार में कुछ Romantic पड़ाव भी आते है जिसे Dulquer ने बहुत ही सादगी के साथ निभाया है। Shreya Dhanwanthary एक Entertainment Reporter के किरदार में काफी खूबसूरत दिखती हैं। जितनी बार भी Shreya पर्दे पर आती हैं, दर्शकों का दिल जीत ले जाती हैं। Shreya और Dilquer के साथ जितने भी Frame को फ़िल्माया गया है, वो काफी खूबसूरत लगता है। Dilquer और Shreya के बीच कुछ एक संवाद भी दर्शकों को खूब पसंद आता है। Sunny Deol एक Inspector (Head of Crime Branch) के किरदार में कुछ खास नही कर पाए, या ये कह ले कि Sunny Deol के किरदार को बहुत कमजोर लिखा गया था। Sunny Deol जैसे Actor को इस फ़िल्म में लेकर बस Time Pass किया गया है। Sunny Deol के Acting को इस फ़िल्म में Director दर्शको के सामने रखने ने नाकामयाब दिखते हैं, जो बात कहि ना कहि दर्शको को भी खटकती है। Pooja Bhat एक Criminal Psychologist के किरदार में अच्छा काम किया है। Pooja Bhat का Screen Time काफी कम है, लेकिन उस कम वक्त में भी Pooja Bhatt अपने Acting skills से दर्शकों के बीच अपनी छाप छोड़ पाती हैं। Saranya Ponvannan जिन्होंने Shreya Dhanwanthary के माँ के किरदार में यादगार काम किया है। बाकी बहुत से कलाकार हैं जिन्होंने अपना काम बखूबी किया है।

Writing & Direction

R. Balki ने इस फ़िल्म की कहानी लिखी हैं जो कि इस फ़िल्म के Director भी हैं। यहाँ थोड़ी फिल्मी भाषा मे बात करें तो R. Balki की कुछ पिछली फिल्मों में :- ‘शमिताभ’, ‘Ki & Ka’, ‘Padman’ जैसी फिल्मी आती हैं। इन सभी फिल्मों के Flavor को पकड़े तो ‘Chup’ फ़िल्म काफी अलग हैं। इन सब के बीच कहि न कही एक Suspense Serial Killer फ़िल्म को Direct करने में R. Balki कहि फसते दिखते है। फ़िल्म के First Half में जहाँ कहानी दर्शकों को सिनेमा हॉल की कुर्सियों से बांधे रखती है, तो वहीं Second Half में कहानी काफी कमजोर पड़ जाती है और दर्शक फ़िल्म देखने के बजाए Phone चलाते नज़र आते है। फ़िल्म के Interval Sceen को काफी कमजोर तरीके से फ़िल्माया गया है, जहाँ ऐसा लगता है कि सारे Suspense को Director ने दर्शक के सामने बड़े ही आसानी से पेश कर दिया। जिसके बाद दर्शक Second Half की कहानी ख़ुद ही Decide कर लेते हैं और फ़िल्म से दुबारा जुड़ नही पाते। बची हुई उमीद Climax Sceen भी ले डूबती है, जहाँ Director R. Balki वो Thriller Suspense को भुना नही पाते।

Background Score & Music

फ़िल्म में Background Score दिया है Aman Pant ने, जो कि बहुत खूबसूरत है। जगह – जगह पर कुछ एक Sceen में बैकग्राउंड स्कोर दर्शकों के ध्यान को फ़िल्म के तरफ खिंचने में कामयाब रहती है। एक Suspense Thriller फ़िल्म के नज़रिए से Background Score को 10 में 10 अंक देना लाज़मी है। फ़िल्म में Music ‘Amit Trivedi, Sneha Khanwalkar और S D Burman का है। Amit Trivedi की आवाज़ में गाना काफी शानदार लगता है। कुछ पुराने गाने का भी फ़िल्म में इस्तेमाल किया गया है, जो कि S D Burman साहब ने Compose किया था।

क्यों देंखे ये फ़िल्म ?

एक Suspense Thriller फ़िल्म के शौकीन है और Serial Killer वाली फिल्में देखना पसंद करते हैं, Dulquer Salmaan को Romantic + Serial Killer के किरदार में बवाल Acting को देखना चाहते हैं तो ये फ़िल्म आपके लिए है।

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